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प्रचंड बहुमत सा ब्रह्मास्त्र, यह मत नहीं, गांडीव है अर्जुन का।
आज जब होरी बिस्तर से ना उठा, चढ़ आसमान में सूरज दक्खिन में जा झुका
अदृश्य दानव घूम रहा, चुपके से वह चूम रहा। चीनी वुहान में अवतरित, इटली ईरान में झूम रहा।
स्वर्ग एक अलग जहां है?
आज पहली बार ऐसा लगा कि ये पत्थर रो रहे हैं।
मुन्ने ने एक दिन मुझसे एक नया सायकिल माँगा, मैंने बॉल को उसी के कोर्ट में डालकर मामले को यूँ टांगा।
जब भोर हुआ तो अंधेरा था, दिन हुआ तो बौराया
जीवन में जो बोलना है, बोल दो गांठे खुल रही हैं तो खोल दो।
बापू ने हमें छुड़ाया अंग्रेज़ों से। तुम हमें नित छुड़ाते रोगों से।