
परिचय
प्रभाष चंद्र सिंह
जो खदान की गहराई से कविता तक आया
नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में महाप्रबंधक (खनन), सेवानिवृत्त
आज
हाल ही में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से महाप्रबंधक (खनन) के पद से सेवानिवृत्त हुआ हूँ।
तीन दशक ज़मीन के नीचे और ज़मीन के ऊपर: खदानें, सुरक्षा सप्ताह, निरीक्षण दल, और वे तमाम चेहरे जिनके साथ हर सुबह की शुरुआत होती थी।

पहले · 1996 से 2019






और अब
हिंदी में कविताएँ लिखता हूँ, प्रेरणा की, और अपने समय की; ऐसी जो आज के सामाजिक और राजनीतिक हालात से आँख नहीं चुरातीं।
जो करना है
जीवन की कठिनाइयाँ जो भी हों, प्रसन्न रहकर जीना मुझे प्रिय है।

इसी कारण मेरी कामना है कि हरित ऊर्जा, दवा-मुक्त जीवन, जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए काम कर सकूँ; स्वस्थ जीवनशैली गढ़ सकूँ; और रासायनिक खादों के बिना अनाज तथा सब्ज़ियों की खेती को प्रोत्साहन दे सकूँ।
- हरित ऊर्जा
- दवा-मुक्त जीवन
- जल संरक्षण
- वृक्षारोपण
- स्वस्थ जीवनशैली
- रसायन-मुक्त खेती

साथ



जो ज़रूरी लगता है
मुझे गहराई से लगता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य हर भारतीय नागरिक और उसके बच्चों तक एक समान पहुँचें। इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ना चाहिए कि समाज में उसका पद या हैसियत क्या है।

