चिंतन
ध्यान
मुझे याद है जब बचपन में नदी की ओर जाना होता था, शायद स्नान आदि करने के लिए, तो पानी की धारा से थोड़ा हटकर गीली रेत हटाकर गड्ढा करते थे, ताकि स्वच्छ पानी का रिसाव होने लगे।इसमें थोड़ा वक्त तो लगता था परन्तु स्वच्छ जल पीने लायक़ मिल जाता था। स्वच्छता इस बात पर निर्भर करती थी कि वह गड्ढा मुख्य धारा…